
फिल्मों में अक्सर मनोरंजन के साथ परोसे गए सामाजिक संदेश लोगों को अधिकांश रूप से प्रभावित करते आए हैं।मराठी फिल्मों की पॉपुलर एक्ट्रेस रीना जाधव की फिल्म मेरिट ऐनिमल शहरों में बच्चों को प्रथम आने के मानसिक दबाव जैसे सेंसिटिव टॉपिक पर बनी फिल्म है। ये फिल्म हंगामा प्ले ओटीटी पर दर्शकों के बीच रिलीज की गई है।
फिल्म: मेरिट एनिमल
कास्ट: रीना जाधव, मंगेश नाइक, आदित्य सिंघल, महेश चाग़, बहार उल इस्लाम और भाग्यरती बाई
निर्देशक: जुनैद इमाम
निर्माता: प्रदीप देशमुख और रीना जाधव
रन टाइम: 107 मिनट
रेटिंग: 3 स्टार्स
कहानी: मेरिट एनिमल वरुण कहानी है आदित्य सिंघल नाम के एक ऐसे लड़के की जिसके माता-पिता चाहते हैं कि वह पढ़ाई और खेल सभी क्षेत्रों में सबसे अव्वल स्थान हासिल करे। शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर साइकिल रेसिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा जाता है जहां रेस वरुण अचानक पहाड़ी से गिरकर बेहोश हो जाता है। होश में आने के पश्चात वरुण खुद को एक गांव में पाता है जिससे वो बिलकुल अनजान है। शहर के तनाव भरे माहौल जीते आए वरुण को सादगी और खूबसूरती से भरे गांव का वातावरण अच्छा लगता है। गांव में कृष्णा (महेश छाग) और मीरा (रीना जाधव ) वरुण को भरपूर स्नेह देते हैं और उसे मुनिया (मंगेश नाईक) जैसा मित्र भी प्राप्त है। वरुण को लगता है कि गांव सब अच्छा है। इस बीच वहां की ट्रेडिशनल बैल गाड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जहां वो अच्छा मेरिट लानेऔर फर्स्ट आने का दबाव दोबारा वरुण महसूस करता है। उसे अपने स्कूल की टीचर का अच्छे नंबर का दबाव और पिता की डांट की कड़वी स्मृतियां दिखाई देने लगती हैं।
अभिनय: वरुण के किरदार में आदित्य सिंघल ने बहुत उमदा अभिनय किया है। वहीं फिल्म में सबसे अधिक मीरा के किरदार में रीना जाधव ने अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी है। मराठी सिनेमा की पॉपुलर फेस रीना जाधव ने मीरा के किरदार में जान डाल दिया है। मीरा अपने बच्चे की तरह ही वरुण को दुलारती और उसे चिंता है कि इस बच्चे को उसके माता और पिता उसे जल्दी मिल जाए। फिल्म में मुनिया के किरदार में मंगेश नाईक और मुनिया के पिता के किरदार में महेश चाग में भी हमें खुश किया है।
निर्देशन: प्रोड्यूसर रीना जाधव ने एक बहुत ही मानवीय पहलू पर अहम फिल्म बनाकर एक जरूरी संदेश देने का प्रयास किया है। इसकी कहानी बहुत ही प्रभावित करती है और दर्शक इससे जुड़ाव महसूस कर सकेंगे. हमारे जीवन कहीं न कहें हम सभी के पेरेंट्स स्कूल की पढ़ाई और खेल में हमें अव्वल सबसे टॉप पर आने का दबाव बनाते हैं। इस कहानी को वरुण के गांव में जाने के बाद बहुत ही हल्के फ़ुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश किया है। गांव के प्रधान का टीवी के शो के साथ जुड़ाव और गांव के प्राथमिक विद्यालय में गांधी जी की बच्चों के द्वारा बनायी गयी फ़ोटो जैसे दृश्य एक गंभीर कहानी को और भी दिलचस्प बनाते हैं।
क्यों देखें ये फिल्म: मेरिट एनिमल कई सारे फिल्म फेस्टिवल्स में सम्मान प्राप्त कर चुकी है। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ सिनेमा और निर्देशक के तौर पर तमाम पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। फिल्म की कहानी समाज की गंभीर समस्या पर केंद्रित है। अपने स्वयं के सपनों को पूरा करने के लिए हम अपने बच्चों पर अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने का बोझ डालते हैं जो वास्तव में उनके लिए एक दबाव है। इस दौड़ में हर कोई प्ररथम आना चाहता है, लेकिन इस बीच वह अपनी वर्तमान जिंदगी और चाइल्डहुड को नजरअंदाज कर देता है। फिल्म के मेकर्स ने फिल्म के माध्यम से गांव और शहरी जीवन के अंतर को दिखाया गया है।





