
मुंबई : बॉलीवुड (Bollywood) के दिग्गज अभिनेता (Actor) अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) फिल्मों में कड़ी मेहनत करते है। वो फिल्म की शूटिंग के वक्त सेट पर समय से पहले पहुंच जाते है। इतना ही वो अपने काम को अपना पूरा 100 परसेंट देते है। इस उम्र में भी वो काफी एक्टिव रहते है। जिसके लिए वो अपने फिटनेस का भी खास ख्याल रखते हैं। अमिताभ बच्चन की अभिनीत फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर चल रही है। वहीं अब अभिनेता ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को एक अहम बात बताई है।
उन्होंने बताया कि वो आर बाल्की की फिल्म ‘चुप’ के म्यूजिक को कंपोज किया है और साथ ही उन्होंने एक गाना भी रिकॉर्ड किया है। जिसके लिए उन्होंने सभी यंत्र खुद बजाया है। उनके पोस्ट में लिखा है कि भारतीय सिनेमा के 110 साल अमिताभ बच्चन के 80 साल धन्यवाद अमित जी अंत में शीर्षक संगीत अमिताभ बच्चन द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। अमिताभ बच्चन ने कैप्शन में लिखा, ‘फिल्म के प्रेरणादायक क्षण के बाद ‘मोई’ की एक रचना.. हर वाद्ययंत्र ‘मोई’ द्वारा बजाया गया.. और व्यक्तिगत रूप से दर्ज किया गया .. अकेले में .. मैंने देखा .. और यह रह गया .. मैंने महसूस किया।
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उस इकाई पर बैठ गया जो तार के स्ट्रेन का निर्माण करती है .. और जो दिल में आया उसने b&w को बेतरतीब ढंग से दबाया .. रिकॉर्ड किया, और उसकी सुनवाई पर सोचा कि मैंने कहाँ देखा .. एक जिसने दृश्य विकसित किया .. मुझे देखने के लिए आया .. मैंने अपने मन को साझा किया .. मेरे लिए यह राग था, जो बोलता था .. प्यार की बात की .. बेपनाह मोहब्बत का ।। प्यार जो खुले तौर पर बदला या समझा नहीं जाता है .. प्रिय के द्वारा. .. प्रिय प्रशंसको के गहरे, शुद्ध स्नेह के बारे में नहीं जानते, या जानबूझकर इसे अस्वीकार करते हैं .. राग तो क्या – अगर इसे कहा जा सकता है कि .. धुनें जो अभिव्यक्ति के एकल तनाव हैं।
लेकिन किस बात की एक अभिव्यक्ति .. खुशी या निराशा यह निर्माता के लिए खेला .. और मैं बोल दिया .. अनछुए प्यार, जो उसके बनाने में एक घटना बन जाता है .. लड़का और लड़की .. उनके स्नेह और प्यार में व्यक्त .. लेकिन अब .. अस्वीकृति की परिस्थितियों में .. स्थिति का सामना करने के लिए एक अंतिम साथ आ रहा है .. लड़का .. लड़की .. वह उसके आगे बढ़ता है .. अपना हाथ फैलाता है ।। उसे पकड़ने के लिए .. वह संकोच से ऐसा करती है .. अब बहुत करीब से .. एक दूसरे के विपरीत .. लगभग आलिंगन में काफी करीब फिर भी स्थिति में बहुत दूर .. राग शुरू होता है .. पियानो के स्ट्रेन, स्थिति .. बेरुखी की .. ना ना ना .. मुझसे मुंह मत फेरना।
मेरी आँखों में देखो .. बस देखते रहिये .. तनाव जारी है .. उनकी उपस्थिति के मौन में .. और फिर .. तो फिर .. रीड अंग फूलता है .. स्थिति के तनावों पर सूजन .. और उपस्थिति को खत्म कर देता है .. ये दिल है .. लड़के का दिल .. ज़ोर से बोल रहा हूँ फट जाने के लिए .. द फटने वाला .. जलीय से भरी आँखें .. और धीरे से .. एक आँसू गिर गया .. लड़के के भरे हुए अपारदर्शी ग्रहण के पार .. तनाव जारी है .. हाथों पर पकड़ मजबूत है .. जुदाई का दर्द .. बेरुखी प्यार का दर्द .. अनावश्यक .. अब बहते पानी की मात्रा में .. और एक फ्रैन्ज़ीड जॉइनिंग में .. बंद आलिंगन .. और रोना .. दोनों की .. रह रहा हूँ .. रह रहा हूँ .. रह रहा हूँ कोई शब्द नहीं .. सिर्फ भावनाओं की गैप्स .. समझ रहे हैं ..!’ बता दें कि इसके पहले भी अमिताभ बच्चन फिल्म ‘बोल बच्चन’, ‘खुदा गवाह’, ‘शराबी’, ‘पा’, ‘सिलसिला’ और ‘कहानी’ में प्लेबैक सिंगिंग के तौर पर काम कर चुके हैं।





