फील्ड मार्शल मानेकशॉ (Field Marshal Manekshaw) ने साल 1971 में भारतीय सेना को युद्ध के मैदान में अपनी सबसे बड़ी जीत दिलाई और अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने उसी साल स्क्रीन पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद लाखों लोगों के दिलों पर राज किया. फील्ड मार्शल मानेकशॉ और बिग बी के बीच एक बात समान थी, जिसके बारे में मानेकशॉ ने एक बार बताया था.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फील्ड मार्शल मानेकशॉ साल 2004 में आखिरी बार पब्लिक के सामने आए थे और कहा था कि वे दोनों शेरवुड कॉलेज, नैनीताल के पूर्व छात्र हैं, लेकिन उनका एक पंजाब कनेक्शन भी था. फील्ड मार्शल का जन्म वहीं हुआ था और अमिताभ की मां पंजाबी थीं, जो अविभाजित पंजाब के लायलपुर में एक सिख परिवार में पैदा हुई थीं.
फील्ड मार्शल मानेकशॉ को तब तत्कालीन भारतीय सेना प्रमुख, जनरल एन.सी. विज ने दिल्ली में सभी भारतीय सेना प्रमुखों के पहले सम्मेलन में आमंत्रित किया था. उन्होंने तब कहा था कि वे 90 साल, छह महीने और 13 दिन के थे. उन्होंने कहा कि उनकी इतनी लंबी उम्र इसलिए है, क्योंकि वे पंजाब में पैदा हुए. अमृतसर में उनके पिता डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करते थे.
सैम बहादुर ने बताया था कि 15 साल की उम्र में, वे अपने पिता की तरह एक डॉक्टर बनना चाहते थे, डॉक्टर बनने के लिए कड़ी मेहनत भी की थी, लेकिन उनके पिता ने उन्हें तब थोड़ा और इंतजार करने की सलाह दी थी. इस बीच, वे सेना में भर्ती हो गए और इसे अपना करियर बनाने का फैसला किया.
शेरवुड कॉलेज से पढ़े थे अमिताभ बच्चन और सैम मानेकशॉ
फील्ड मार्शल का कहना था कि वे एक अच्छे गाइनाकोलॉजिस्ट बन सकते थे. उन्होंने स्कूल के दिनों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि नैनीताल कॉलेज में उनका वक्त बेहद शानदार रहा. उन्होंने कहा था, ‘शेरवुड कॉलेज को दो लीजेंड अमिताभ बच्चन और सैम मानेकशॉ को बनाने का गौरव प्राप्त है.’
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FIRST PUBLISHED : October 10, 2022, 00:14 IST





