Cinema

6 Years of Pink: तापसी पन्नू के करियर में मील का पत्थर है ‘पिंक’, बिग बी रोल के लिए 5 मिनट में हो गए थे तैयार


‘पिंक’ (Pink) फिल्म तीन वर्किंग गर्ल्स की कहानी के जरिए समाज को अपने गिरेबां में झांकने के लिए मजबूर करती है. शूजित सरकार (Shoojit Sircar) की ये फिल्म पाठ पढ़ाने की कोशिश करती है कि मोमबत्ती और तख्ती लेकर सड़क पर आंदोलन करने से पहले अपनी सोच बदलना सबसे पहले जरूरी है. ‘पिंक’ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक मूवमेंट है जो जारी रहेगा. 16 सितंबर 2016 को रिलीज हुई ‘पिंक’ में महिलाओं के ना कहने के मौलिक अधिकार के बारे में बताया गया है. अनिरुद्ध रॉय चौधरी ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), तापसी पन्नू (Taapsee Pannu), कीर्ति कुल्हाड़ी (Kirti Kulhari),अंगद बेदी, एंड्रिया टारियांग (Andrea Tariang) जैसे एक्टर थे. इस फिल्म के हर किरदार को कास्ट करने का किस्सा बड़ा ही दिलचस्प है.

तापसी पन्नू के करियर की शानदार फिल्म ‘पिंक’
‘पिंक’ को रिलीज हुए भले ही 6 साल हो गए हैं, लेकिन यह फिल्म आज भी अपने दमदार विषय की वजह से चर्चा में रहती है. इसी फिल्म ने बताया कि ना का मतलब सिर्फ ना होता है. तापसी पन्नू के एक्टिंग करियर में ‘पिंक’ फिल्म का अहम योगदान है. एक बार मीडिया से बात करते हुए, एक्ट्रेस ने बताया था कि ‘मुझसे अक्सर मेरे करियर के टर्निंग प्वाइंट के बारे में पूछा जाता है तो मैं हमेशा ‘पिंक’ का ही नाम लेती हूं. यह एक ऐसी फिल्म है जो मेरे करियर में मील का पत्थर साबित हुई और इसने मेरे करियर को एक दिशा दी’.

तापसी को ऐसे मिली थी फिल्म
शायद ही किसी को पता हो कि अनिरुद्ध रॉय चौधरी ने तापसी को देखते ही समझ लिया था कि उन्हें लीड एक्ट्रेस मिल गई. अनिरुद्ध ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि जब मैं पहली बार तापसी पन्नू से मिला था तो मुझे देखते ही लग गया था कि मीनल अरोड़ा का किरदार इनसे बेहतर कोई निभा नहीं सकता. देखते ही मुझे लगा कि ये तो मीनल हैं.’

Taapsee Pannu

‘पिंक’ फिल्म का एक सीन. (फोटो साभार: taapsee/Instagram)

अमिताभ ने कहानी सुनते ही कर दिया था हां
अमिताभ बच्चन को इस फिल्म में कास्ट करने का किस्सा भी खासा दिलचस्प है. डायरेक्टर अनिरुद्ध रॉय चौधरी के मुताबिक ‘शूजित सरकार ने मुझसे कहा कि मिस्टर बच्चन ‘पिंक’ में अपने रोल के बारे में जानना चाहते हैं. फिल्म के राइटर रितेश, शूजित और मैं उनसे मिलने पहुंचे. शूजित ने उनको रोल के बारे में बताया. मैंने फिल्म की पॉलिटिक्स के बारे में जानकारी दी. सुनने के बाद मिस्टर बच्चन ने सिर्फ 5 मिनट लिए और हां कह दिया. हम जब उनके ऑफिस से निकले तो डांस करने लगे थे. ये मिस्टर बच्चन की मौजूदगी ही थी, जिसकी वजह से ‘नो मीन्स नो’ की आवाज लाखों लोगों तक पहुंच सकी थी.’

अमिताभ के दिल के करीब ‘पिंक’
फिल्म की अपार सफलता के बाद टीम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें अमिताभ बच्चन ने बताया था कि इस फिल्म को मिले रिस्पॉन्स ने मुझे अभिभूत कर दिया है. समय के साथ समाज में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है. मैं केबीसी शो के दौरान तमाम ऐसी महिलाओं से मिलता हूं जो हॉटसीट पर बैठकर अपनी जिंदगी के संघर्षों की कहानी बयां करती हैं. 70 के दशक में हम अपनी हीरोइनों के लिए लड़ाई करते थे. अब समय बदल गया है. अब तमाम फिल्में महिलाओं के मुद्दे पर बन रही हैं.’

pink film poster

अमिताभ बच्चन ने 5 मिनट में दे दी थी सहमति. (फोटो साभार: poster)

‘पिंक’ के बाकी कलाकारों की कास्टिंग
कास्टिंग डायरेक्टर जोगी ने कीर्ति कुल्हारी का स्क्रीन टेस्ट लिया, तो वे भी कमाल की निकलीं. कुछ ऐसा ही हुआ एंड्रिया टारियांग से मिलने के बाद. शिलॉन्ग की रहने वाली एंड्रिया को जब अनिरुद्ध ने पहली बार देखा तो वे उन्हें किरदार के लिए फिट लगीं. एंड्रिया से अनुराग की मुलाकात बांद्रा के एक कॉफी हाउस में हुई थी. उन्होंने बताया था कि अमिताभ के साथ काम करना काफी नर्वसनेस से भरा था लेकिन मुझे नहीं पता कि ये सीन इतना मजेदार बन जाएगा. कुल मिलाकर हर सीन और कलाकार के लिए जमकर मेहनत की गई थी.

Taapsee Pannu

‘पिंक’ फिल्म में 3 लड़कियों की कहानी है.

‘नो मीन्स नो’ बन गया फेमस डायलॉग
‘पिंक’ का एक डायलॉग ‘नो मीन्स नो’ इस कदर फेमस हुआ कि हर जगह बोला जाने लगा. अनिरुद्ध बताते हैं कि जब फिल्म बना रहे थे तो मुझे और प्रोड्यूसर शूजित सरकार को ये तो पता था कि फिल्म दर्शकों के दिल को छू लेगी, लेकिन कॉमर्शियली भी सफल रहेगी, इसका अंदाजा नहीं था. फिल्म मेकर के तौर पर हमारी कोशिश एक ऐसी फिल्म बनाने की होती है जो सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचे, कॉमर्शियल सफलता उसी का परिणाम है. इस फिल्म को 30 करोड़ में बनाया गया था और इसका कुल कलेक्शन 65.39 करोड़ रहा था.

‘पिंक’ का मैसेज और कहानी
किसी लड़की के कैरेक्टर को जज करने के लिए उसका ड्रेस पैमाना नहीं हो सकता है. यही मैसेज ‘पिंक’ में दिया गया था. तीन दोस्तों की कहानी दिखाई गई थी जो कोर्ट केस में फंस जाती हैं और अमिताभ उनका केस शानदार तरीके से लड़ते हैं और बताते हैं कि किसी लड़की के ‘न’ कहने का मतलब सिर्फ ‘न’ होता है.

Tags: Amitabh bachchan, Entertainment Special, Taapsee Pannu

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