Cinema

भगवान राम, गांधी जयंती और ‘आदिपुरुष’; 101 दिन का इंतजार शुरू, क्या फिर कमाल दिखाएंगे ‘बाहुबली’ प्रभाष?


Prabhas and Kriti’s Adipurush: फिल्म प्रेमियों को ईद, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहारों का इंतजार रहता है. इन त्योहारों पर नई फिल्में रिलीज होती हैं. इस बार गांधी जयंती से दो दिन पहले सुपरस्टार प्रभाष और कृति सेनन की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘आदिपुरुष’ का पहला पोस्टर आया. यह महज संयोग है या प्रयोग, फिल्म निर्माताओं ने इस फिल्म को दर्शकों से रूबरू कराने का समय बड़ा सोच कर चुना है. अब देख ही लीजिए, नवरात्रि पर पोस्टर आया है, तो गांधी जयंती पर टीजर आएगा. फिर 101 दिनों के बाद उत्तरायण या मकर संक्रांति से ठीक पहले फिल्म के रिलीज की तारीख 12 जनवरी तय की गई है. इतने सारे संयोग-प्रयोग के बाद क्या ‘बाहुबली’ प्रभाष अपनी नई फिल्म से कमाल करेंगे या दर्शकों को ‘साहो’ की तरह निराश होना पड़ेगा, इसके लिए आपको 3 महीने इंतजार करना है.

बात शुरू करते हैं फिल्म ‘आदिपुरुष’ के पहले पोस्टर से, जिसमें प्रभाष भगवान राम के लुक में नजर आ रहे हैं. धनुष की तनी हुई प्रत्यंचा पर बाण संधान को तैयार प्रभाष की यह तस्वीर मनभावन है. संस्कृत नाटकों में जिस उदात्त चरित्र वाले नायकों का उल्लेख किया गया है, ‘आदिपुरुष’ के पोस्टर में प्रभाष उसी उत्साह से लबरेज दिख रहे हैं. यही वजह भी है कि सोशल मीडिया पर पहली ही नजर में इसे देखकर कमेंट सेक्शन में उनके फैन्स ‘जय श्रीराम’ लिख रहे हैं. प्रभाष ने सोशल मीडिया पर फिल्म के पोस्टर और टीजर रिलीज की जो जानकारी दी है, उसमें लिखा भी है कि फिल्म की कहानी अयोध्या में बहने वाली सरयु नदी के तट की है. लिहाजा जय श्रीराम का उद्घोष स्वाभाविक लगने लगा है.

राम, गांधी और फिल्में
महात्मा गांधी ने अपने जीवन में मात्र एक ही फिल्म देखी. इसका नाम था ‘रामराज्य’. इस फिल्म की मुख्य कलाकार थीं काजोल की ग्रैंडमदर शोभना समर्थ. राम की जिस रूप में पूजा-अर्चना की जाती है, गांधी के राम उससे कहीं अलग थे. बापू अपने को राम की आध्यात्मिकता से जोड़ते थे, इसलिए रामराज्य की बातें उनके कई भाषणों में आती हैं. यह बात भी गौर करने लायक है कि देश की आजादी से करीब चार साल पहले 1943 में बापू ने ‘रामराज्य’ फिल्म देखी थी. यानी उसी समय जब वे अपने स्वतंत्रता सेनानियों के साथ देश को रामराज्य के मार्ग पर लाने की अंतिम लड़ाई के करीब पहुंच रहे थे. इसके बाद महात्मा गांधी के फिल्म देखने या सिनेमा में रुचि का कोई प्रमाण नहीं है. मीडिया ने जब ‘रामराज्य’ देखने के बाद अन्य फिल्मों के बारे में गांधी जी की प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उनके सहयोगी महादेव देसाई ने मीडिया को पत्र लिखकर सूचना दे दी थी कि बापू की फिल्मों में कोई रुचि नहीं है. इसलिए इस संबंध में उनसे पत्र व्यवहार न किया जाए.

‘राम’ के नाम से शुरुआत
रामायण और इस महाकाव्य के सभी पात्रों को समाज के लिए उदाहरण के तौर पर जाना जाता है. समस्त भारतवर्ष में भगवान राम मर्यादापुरुषोत्तम माने जाते हैं. राम के नाम से यह जुड़ाव ‘आदिपुरुष’ को खास बनाता है. इस साल आई राजामौली की ‘आरआरआर’ के कई दृश्यों को भी भगवान राम की महिमा से जोड़कर देखा गया. मतलब ‘आदिपुरुष’ अपने साथ ‘राम नाम की गारंटी’ भी लेकर चल रहा है. फिल्म के पोस्टर में इस बात की ओर संकेत भी किया गया है कि ‘अधर्म पर धर्म की जय’ हो. जाहिर है दर्शकों को इस फिल्म से बहुत उम्मीदें होंगी.

नया साल सफल बना सकती है ‘आदिपुरुष’
दक्षिण के सुपरस्टार प्रभाष ‘बाहुबली’ के बाद से देशभर के चहेते कलाकार बन गए हैं. इसलिए गांधी जयंती के मौके पर जब उनकी फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने की घोषणा हुई है, तो तमिलनाडु से लेकर जैसलमेर तक इसकी धमक सुनाई पड़ी. दरअसल, उनकी फिल्म साल 2023 की पहली धमाकेदार होने के साथ-साथ मेगाबजट फिल्म भी होगी. इसलिए फैन्स और फिल्म दर्शकों के अलावा बॉक्स ऑफिस के जानकारों की नजर भी ‘आदिपुरुष’ पर रहेगी. अपना देश धारणा-प्रधान देश है. ऐसे में एक धारणा तो ये बनती ही है कि साल की शुरुआत फिल्म इंडस्ट्री के लिए शुभ हो. ‘आदिपुरुष’ के सफल होने से फिल्म इंडस्ट्री के लिए अगर साल 2023 सफल होता है, तो यह देशभर के सिनेमा उद्योग के लिए अच्छा रहेगा.

Tags: Actor Prabhas, Ayodhya, Entertainment Special

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