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रकुल प्रीत सिंह को गाइनाकोलॉजिस्ट के पास जाने पर आती थी शर्म, बोलीं- ‘टैबू तोड़ने की जरूरत है’


रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) की इस साल कई फिल्में रिलीज हुईं. दर्शकों ने उन्हें ‘अटैक’, ‘रनवे 34’ और ‘कठपुतली’ में बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स के साथ देखा. एक्ट्रेस को अब इस महीने दो बड़ी फिल्मों ‘डॉक्टर जी’ और ‘थैंक गॉड’ की रिलीज का इंतजार है. ‘डॉक्टर जी’ एक मेडिकल कॉमेडी ड्रामा है, जिसमें आयुष्मान खुराना उनके साथ दिखाई देंगे.

फिल्म में, आयुष्मान खुराना ने अपने कॉलेज में स्त्री रोग विभाग में एकमात्र पुरुष छात्र डॉ गुप्ता की भूमिका निभाई है जो अपने मरीजों से बातचीत के दौरान मुश्किलों का सामना करते हैं. कॉमेडी के साथ-साथ फिल्म ऐसे विषयों को छूती है, जिस पर आमतौर पर लोग बात करना पसंद नहीं करते हैं.

रकुल प्रीत सिंह ने News18 से एक विशेष बातचीत में फिल्म में अपने कैरेक्ट के साथ-साथ मेल गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलने पर होने वाली आशंकाओं के बारे में बताया. वे अपने रोल को लेकर कहती हैं, ‘मैं गाइनाकोलॉजिस्ट डॉक्टर फातिमा की भूमिका निभा रही हूं. वे अपने दिमाग से बहुत सुलझी हुई है, जानती है कि वह क्या कर रही है. जब आप फिल्म देखेंगे, तो आपको पता चलेगा कि वह आयुष्मान के कैरेक्टर को प्रोफेशन के प्रति अपने प्यार को समझने में मदद करती है. इससे कॉलेज स्टूडेंट जुड़ाव महसूस करेंगे.’

फिल्म में कई चीजों पर बात हुई है. जैसे, महिलाओं को मेल डॉक्टर से बात करने में डर लगता है. जब रकुल से उनके ऐसे किसी अनुभव के बारे में पूछा गया तो वे कहती हैं, ‘जब मैं टीनएजर थी, तब भी मुझे शर्म आती थी. एक समय था जब मुझे एक मेल गाइनाकोलॉजिस्ट के पास जाना पड़ता था और मुझे बहुत शर्म आती थी. मैंने सोचा कि मैं इस व्यक्ति को अपनी जांच कैसे करने दूं?’

रकुल को गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलने पर आती थी शर्म
वे आगे कहती हैं, ‘मैं 13-14 साल की थी और मुझे शर्म महसूस हुई, लेकिन अब जब मैं बड़ी हूं, तो मुझे एहसास हुआ कि आप इसे उस तरह नहीं देखते हैं और यही बातचीत ट्रेलर में भी है. हम मेल टच और डॉक्टर के टच के बारे में बात करते हैं. आंकड़ों पर जाएं, तो देश के कुछ टॉप गाइनाकोलॉजिस्ट पुरुष हैं.

‘डॉक्टर जी’ में हुई टैबू विषयों पर बात
वे आखिर में कहती हैं, ‘फिल्म यही कहने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर एक डॉक्टर है और उन्हें उसी तरह से देखने की जरूरत है. इसके चारों ओर घिरी वर्जनाओं को तोड़ने की जरूरत है. दुर्भाग्य से, हम इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करते हैं, लेकिन यह भी आपके शरीर का एक हिस्सा है, जैसे दिल या दिमाग.’

Tags: Doctor G, Rakul preet singh

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